शारीरिक समस्याएं बताने में लोग शर्म महसूस करते हैं और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। आजकल शारीरिक समस्याएं आम हो गयी हैं। रोजाना की व्यस्त और थकावट भरी जिंदगी की वजह से भी यह समस्या होना आम बात हैं। ज्यादा टेंशन लेना, समय पर न खाना, नीद पूरी न होने की वजह से भी शारीरिक समस्याएं हो जाती हैं। सामान्यत: जो पुरुसो मे कीसी भी तरह की कमजोरी नहीं हैं, उनका दांपत्य और सामाजिक जीवन हमेशा खुशहाल रहता है। इसलिए पुरुषो में शारीरिक कमजोरी होने से वे बोहोत ही कमजोर, हतास और हीन भावना महसूस करने लगते हैं, और उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता। पुरुषों में पाई जाने वाली ये कमजोरियो के कारण व्यक्ति तनाव (डिप्रेशन) का शिकार हो जाता है।

इस समस्या का हमारी रोजाना की जिंदगी पर सीधा असर पड़ता है। शारीरिक समस्या को बताने में शर्म की वजह से लोग दवाइयों की दुकान में मिलने वाली अंग्रेजी दवाइयों का प्रयोग करते हैं, जिससे हमें अंग्रेजी दवाई समस्या का जड़ से इलाज नहीं करती बल्कि शरीर में साइड इफेक्ट करती है, जैसे की लीवर, किडनी, ह्रदय, को बिगड़ना और भी कई शारीरिक समस्याएं पैदा कर देती हैं, हम जीवन में हतास होते जाते हैं और हमारे अंदर के आत्मविस्वाश को खो देते हैं। और ये दवाइयां जब तक खाते हैं तब तक ही उनका फायदा मिलता हैं इनके बार बार सेवन सें आदि हो जाते है और बची हुई यौवन शक्ति को भी गँवा बैठते है।

शारीरिक समस्याएं बताने में लोग शर्म महसूस करते हैं और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। आजकल शारीरिक समस्याएं आम हो गयी हैं। रोजाना की व्यस्त और थकावट भरी जिंदगी की वजह से भी यह समस्या होना आम बात हैं। ज्यादा टेंशन लेना, समय पर न खाना, नीद पूरी न होने की वजह से भी शारीरिक समस्याएं हो जाती हैं। सामान्यत: जो पुरुसो मे कीसी भी तरह की कमजोरी नहीं हैं, उनका दांपत्य और सामाजिक जीवन हमेशा खुशहाल रहता है। इसलिए पुरुषो में शारीरिक कमजोरी होने से वे बोहोत ही कमजोर, हतास और हीन भावना महसूस करने लगते हैं, और उनका किसी भी काम में मन नहीं लगता। पुरुषों में पाई जाने वाली ये कमजोरियो के कारण व्यक्ति तनाव (डिप्रेशन) का शिकार हो जाता है।

 crying अत्यधिक धूम्रपान करना

 crying मानसिक तनाव

 crying शराब जैसी नशीली चीजों का ज्यादा सेवन करना

 crying नींद पूरी न लेना

 crying डिप्रेशन में रहना

 crying अनुचित आहार लेना

 crying गुटखा / पान मसाला का सेवन करना

 crying पौरुषता बढ़ाने वाली धातुओं की कमी

हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति मैं आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का वर्णन है जिनका उपयोग करके हम किसी भी तरह की शारीरिक समस्या को जड़ से ख़तम कर सकते हैं। इन जड़ी बूटियों में जैसे अश्वगंधा, शतावरी, शिलाजीत कौचा, मुसली, शुद्ध कौचा, अख्ख्ल हरो, गोखरू, वन्य भष्म, कर्पुर, अबरक भष्म, इन सारी औषधियों का सही मिश्रण करके उनका सेवन किया जाय तो सभी शारीरिक समस्याओं का जड़ से इलाज कर सकते हैं | अश्वगंधा, शतावरी, मुसली और शुद्ध कौचा, ये ऐसी महान औषधियां हैं जिनमे घोड़े (अश्व) जैसी ताकत का राज छिपा है | इनमे शिलाजीत, शतावरी और मुसली को शारीरिक शक्ति का रामबाण माना गया है | इन औषधियों में कुछ औषधियों को भस्म, कुछ सार तत्व / extract और कुछ औषधियों को रस के रूप में ग्रहण करना होता है, जिसके सही उपयोग और मात्रा से ही समस्याओं का जड़ से इलाज हो सकता है। और पुरुषों की बड़ी से बड़ी समस्या को जड़ से ख़त्म किया जा सकता हैं।

हमारे आयुर्वेद में इन औषधियों को सही मात्रा और योग्य स्वरुप में मिश्रित करके अत्यंत असरकार “ HORSE FIRE TABLET ” का निर्माण किया है | इस टेबलेट को सरकारी आरोग्य विभाग (स्वास्थ्य विभाग) द्वारा प्रमाणित भी किया गया है |


HORSE FIRE TABLET के फायदे:-

 yes अंतः शक्ति में वृद्धि

 yes शारीरिक शक्ति आती है

 yes धातु रोगों का जड़ से इलाज होगा

 yes करने के टाइम पीरियड को बढ़ाये

 yes जल्दी गिरना बंद करने में मदद करता है

 yes अधिक से अधिक आत्मविश्वास और नियंत्रण का एहसास

 yes अधिक रोमांचक जीवन का आनंद

 yes काउंट की संख्या बढ़ाता है

 yes लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करता है

 yes यह आपके हार्मोन के असंतुलन को विनियमित करने के लिए आपकी मदद करता है

 yes इससे आपकी की इच्छा बढ़ जाती है.

 yes चिकित्सक स्वीकृत और अनुशासित

 yes बिना कोई दुष्प्रभाव के साथ सुरक्षित

 

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